अल्मोड़ा। जिले की एक लाख की आबादी की प्यास बु्झाने वाले कोसी बैराज की इस गर्मी भी सफाई नहीं होगी और लोगों को शुद्ध पानी के लिए इंतजार करना होगा। बैराज में जमा सिल्ट के साथ ही प्लास्टिक सहित अन्य गंदगी की सफाई के लिए भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल सकी है। पांच गेट की मरम्मत न होने और बजट न मिलने से सिंचाई विभाग के लिए इसकी सफाई करना चुनौती बन गया है। बैराज की सफाई के लिए शासन को 85 लाख रुपये प्रस्ताव भेजा। स्वीकृति नहीं मिलने से लोगों दूषित पानी पीने का मजबूर हैं।
अल्मोड़ा नगर सहित आसपास के गांवों की एक लाख से अधिक की आबादी को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2015 में कोसी बैराज का निर्माण किया गया। इसमें बनी लिफ्ट पेयजल योजना से लोगों के घरों तक पानी पहुंचता है। बैराज के रखरखाव की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को दी गई है। लाखों लोगों की प्यास बुझाने वाले बैराज की अब तक सफाई नहीं हो सकी है। बैराज में भारी मात्रा में सिल्ट और प्लास्टिक जमा है, इससे दूषित पानी घरों में पहुंच रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों की सेहत के लिए शुद्ध पानी जरूरी है।
आठ साल में 45 लाख लीटर घट जल स्तर
अल्मोड़ा। सिल्ट और अन्य गंदगी जमा होने से बीते आठ साल में अल्मोड़ा कोसी बैराज का पानी 45 लाख लीटर घट गया है। 8.50 मीटर गहरे, 54.25 मीटर चौड़े और 1.85 किमी लंबे इस जलाशय की क्षमता चार करोड़ लीटर है। सफाई के अभाव में इसका जलस्तर घटकर 3.55 करोड़ लीटर रह गया है।
दो लिफ्ट सिंचाई योजनाएं होती हैं संचालित
अल्मोड़ा। कोसी बैराज से नगर में पेयजल आपूर्ति होने के साथ ही तिमोला और पसेड़ दो लिफ्ट सिंचाई योजनाएं संचालित होती हैं। बैराज के घटते जलस्तर से दोनों सिंचाई योजनाओं के प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में इन योजनाओं से जुड़े किसानों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ेगा।