कोसी नदी में बन रहे बैराज के बाद जहां पेयजल के लिए पानी की दिक्कत दूर होगी वहीं अतिरिक्त पानी से बिजली बनाने की परियोजना को भी मंजूरी मिल गई है। 4.50 करोड़ रुपये लागत की इस योजना से 500 किलोवाट बिजली बनेगी। इस योजना को डेढ़ साल के भीतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सिंचाई विभाग ने इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं।
कोसी नदी में 33 करोड़ रुपये लागत से बैराज बनाने का काम प्रगति पर है। बैराज के तीन गेट लग गए हैं और दो गेट लगाने का काम चल रहा है। बैराज में अगले साल गर्मियों तक पानी एकत्र होने लगेगा। बैराज में एकत्र पानी को अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति के लिए दिया जाएगा।
नदी में कोसी से सोमेश्वर की तरफ 1850 मीटर लंबी झील भी बनाई जाएगी। जिससे यह इलाका पर्यटन की दृष्टि से भी काफी विकसित हो सकेगा। उम्मीद की जा रही है कि कोसी में झील बनने के बाद यह इलाका अल्मोड़ा आने वाले पर्यटकों के लिए एक अच्छा पिकनिक स्पॉट बन जाएगा।
सरकार ने कोसी बैराज में एकत्र अतिरिक्त पानी से 500 किलोवाट (आधा मेगावाट) बिजली बनाने की योजना को भी मंजूरी दे दी है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन सिंघल ने बताया कि इस योजना में करीब 4.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बिजली बनाने की इस योजना को डेढ़ साल के भीतर तैयार करने का लक्ष्य है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि इसके लिए हाल ही में टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यहां तैयार बिजली ग्रिड को दी जाएगी।