उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विभाग (उरेडा) की जिले के सल्ट तहसील के खोल्योक्यारी में 30 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना को झटका लगा है। पूर्व योजना के अनुसार 24 करोड़ के इस प्लांट को केंद्र सरकार से 30 फीसदी सब्सिडी मिलनी थी। लेकिन, केंद्र सरकार ने निजी सहभागिता से लगाए जाने वाले सौर ऊर्जा प्लांटों को अनुदान देने से हाथ खींच लिए हैं। इससे यह योजना अधर में लटक गई है।
उरेडा विभाग ने 30 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए सल्ट तहसील के खोल्योक्यारी ग्राम पंचायत में 51.124 हेक्टेयर भूमि चयनित की थी। सर्वे में यह भूमि सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए उपयुक्त पाई गई थी। विभाग ने 19 जनवरी 2015 को सोलर प्लांट लगाने का प्रस्ताव उरेडा निदेशालय को भेजा। प्रदेश सरकार के राजस्व सचिव भाष्करानंद ने उसी वर्ष 27 मई को आदेश जारी कर चयनित भूमि ऊर्जा विभाग उत्तराखंड के नाम करने का आदेश जारी किया। राजस्व विभाग की यह भूमि 10 जुलाई 2015 को ऊर्जा विभाग उत्तराखंड के नाम हस्तांतरित हो गई थी।
विभाग की योजना 24 करोड़ रुपये लागत से बनने वाले इस प्लांट में निजी सहभागिता से 30 मेगावाट बिजली उत्पादन करने की थी। इससे क्षेत्र का बिजली संकट भी दूर होता। उरेडा ने भूमि की खसरा खतौनी, नक्शे आदि सभी कागजात निदेशालय को भेज दिए थे। इधर, विभाग के अवर अभियंता पीएस रावत ने बताया कि केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ रिन्यूवल एनर्जी विभाग ने निजी सहभागिता से सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए अनुदान स्वीकृत नहीं करने का आदेश जारी किया है।
बले गांव की भी योजना लटकी
अल्मोड़ा। उरेडा विभाग की द्वाराहाट ब्लॉक के वलना ग्राम पंचायत के तोक बने (सरपटिया) में भी 10 मेगावाट का सौर ऊर्जा प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके लिए राजस्व विभाग की 6.166 हेक्टेयर और ग्रामीणों की 3.7 हेक्टेयर भूमि चयनित की गई थी। केंद्र सरकार के नए आदेश से अब यह योजना भी लटक गई है।