अगनेरी मंदिर परिसर में चैत्राष्टमी मेले के दूसरे दिन विभिन्न स्कूलों के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। बुजुर्ग छपेली गायकों ने भी समा बांधा।
चैत्राष्टमी मेले के दूसरे दिन का आयोजन स्कूली बच्चों के नाम रहा। रामगंगा वैली स्कूल मासी के बच्चों ने ‘दैंणा हो या खोली का गणेशा...’ तथा ‘सत्यम, शिवम सुंदरम...’ प्रस्तुत किया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिरोली के बच्चों ने सामूहिक नृत्य साली बंपाली तथा राधा-कृष्ण सांस्कृतिक मंच चांदीखेत ने राधा-कृष्ण से संबंधित कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
प्राथमिक स्कूल बिष्ट बाखली के बच्चों ने ‘झोड़ा खोल दे माता खोल भवानी खोल दे केवाड़ा’ प्रस्तुत किया। गेवाड़ सांस्कृतिक कला मंच ने ‘आहा हिसालु खैदे तू ऐल हीरा’ प्रस्तुत किया। भवान दा एंड पार्टी में शामिल बुजुर्ग गायकों ने झोड़, भगनौल और छपेली गाकर खूब तालियां बजवाई। संचालन वीरेंद्र बिष्ट और आनंद नाथ ने किया। वहीं मेला समिति के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप बिष्ट, जसीराम, दरबान सिंह बिष्ट, जीवन नेगी के अलावा मेला समिति के सभी पदाधिकारी तथा प्रस्तुति देने वाले स्कूलों के प्रतिनिधि खष्टी तिवारी, चंदन लाल, रुचि बंग्वाल, राजीव कांडपाल आदि थे।
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गावों में झोड़ों की मची है धूम
चौखुटिया(अल्मोड़ा)। चैत्र की नवरात्रियों में कहीं भागवत कथाओं और मां के जयकारों का जोर है तो कहीं झोड़ों की धूम मची है। कई ग्राम पंचायतों में पुरूषों के साथ ही महिलाएं भी टोली बनाकर झोड़ा गा रही हैं। जिसमें जगदंबे मां की स्तुति से संबंधित झोड़ों की संख्या ज्यादा है। गांव के लोग चैत्राष्टमी मेले के दिन अपने गांव की टोलियों के साथ झोड़ा गाते हुए मेले में सिरकत करेंगे।