खीड़ा में तीन सूत्री मांगों को लेकर सोलह दिनों तक चला आंदोलन और आमरण अनशन विधायक द्वारा आंदोलनकारियों को शराब का ठेका निरस्त होने संबंधी जारी शासनादेश की प्रति सौंपने के बाद समाप्त हो गया है। बाद में विधायक महेश नेगी ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
खीड़ा में शराब का ठेका निरस्त करने, जीआईसी में गणित विषय खोलने और खीड़ा-बच्छावान सड़क में पड़े गड्ढे ठीक करने की मांगों को लेकर पिछले सोलह दिनों से चलाया जा रहा आंदोलन समाप्त हो गया है। विधायक महेश नेगी द्वारा आंदोलनकारियों को शराब का ठेका निरस्त होने संबंधी जारी अपर मुख्य सचिव डॉ. रणबीर सिंह का पत्र सौंपा। पत्र में सचिव ने आबकारी आयुक्त को देसी और अंग्रेजी ठेका निरस्त होने संबंधी जानकारी दी है।
पत्र की प्रति प्राप्त होने पर आंदोलनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। आंदोलनकारियों की दो अन्य मांगों में काम शुरू करने की बात कही गई, जबकि पद सृजित होने पर गणित प्रवक्ता की तैनाती की बात कही गई। आंदोलन समाप्ति की घोषणा के बाद विधायक विधायक महेश नेगी ने चारों आमरण अनशनकारियों आनंद सिंह, नारायण सिंह, बीरराम और नंदराम को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
इस मौके पर आंदोलन के मुख्य संयोजक लक्ष्मण सिंह नेगी, एसडीएम राजा अब्बास, आबकारी इंस्पेक्टर सीएच लटवाल, लोनिवि के एई मनोज पांडे, बीईआभारत जोशी, माधोसिंह बिष्ट, देवसिंह, भूपालसिंह, कमला देवी, पार्वती, गीता, जयंती, उदुली, भागुली, हंसी, खीमराम, शोबनसिंह, प्रधन आनंदी देवी, त्रिलोक सिंह, उमेश सिंह व प्रेमसिंह आदि मौजूद थे।
पहले कभी नहीं हुआ आवंटन निरस्त
विधायक महेश नेगी ने लोगों को संबोधित करते हुए इसे जनता की जीत बताया और कहा कि 1910 में आबकारी एक्ट बनने के बाद यह पहला मामला है जिसमें शराब की दुकान आवंटित होने के बाद निरस्त की गई है। उन्होंने कहा कि वह जन समस्याओं के निदान के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
दर्ज मुकदमे वापस होंगे
आंदोलनकारियों ने गत दिनों शराबबंदी के दौरान तीन लोगों लक्ष्मणसिंह नेगी, आनंदी देवी और आनंद सिंह पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी रखी। एसडीएम रजा अब्बास ने आश्वस्त किया कि दर्ज मुकदमें शीघ्र वापस होंगे। इस मौके पर ग्रामीणों ने क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैघ शराब भी न बिकने देने का एलान किया।