नगर से सटे घगलोड़ी और धनखलगांव में पिछले एक पखवाड़े से पशुओं में खुरपका रोग फैलने से दो मवेशियों की मौत हो चुकी है। पशु चिकित्साधिकारी ने अब तीन अप्रैल से गांव में शिविर लगाने की बात कही है। इधर, बंजर खेत चारागाह बने हुए हैं, कई ग्रामीणों ने पशुुओं को एक साथ इन खेतों में छोड़ा हुआ है, जिससे रोग फैलने की आशंका बनी हुई है।
पशुुओं में खुरपका रोग फैलने की सूचना से ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है। घगलोड़ी की प्रधान हंसी देवी ने बताया कि धनखलगांव और घगलोड़ी गांव में पिछले 15 दिनों से रोग फैला हुआ है। अभी तक योगेश पांडेय और संजय भट्ट की गायों की मौत हो चुकी है। बिजेपुर की प्रधान हेमा देवी की सूचना के बाद पशु चिकित्साधिकारी ने तीन अप्रैल से गांवों में शिविर लगाकर रोग के उपचार की बात कही है। इधर, बारिश नहीं होने के कारण लोगों ने खेत बंजर छोड़े हुए हैं, इन बंजर खेतों को ग्रामीणों ने चारागाह बना दिया है।
कई गांवों के पशु एक साथ इन खेतों में चर रहे हैं, खुरपका रोग हवा में फैलता है, जिसके चलते इस रोग के व्यापक रूप लेने की आशंका बनी हुई है। प्रधान हेमा देवी ने ग्रामीणों से रोग दूर नहीं होने तक एक साथ पशुओं नहीं छोड़ने की अपील की है। पशु चिकित्साधिकारी डा. आरपी सिंह ने बताया कि वह तीन अप्रैल को गांवों में जाकर टीकाकरण कर दवाइयां वितरित करेंगे।