रानीखेत (अल्मोड़ा)। रंग, गुलाल और पारंपरिक लोकधुनों के साथ रानीखेत सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी होली की विधिवत शुरुआत हो गई है। चीर बंधन की रस्म के बाद विभिन्न गांवों में होल्यारों का उत्साह देखने लायक रहा। चिलियानौला के बधाण और जालली के भटकोट समेत आसपास के क्षेत्रों में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ चीर बंधन किया गया।
श्रद्धालुओं ने चीर की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद शाम होते ही खड़ी होली का रंग जम गया और जमकर गुलाल उड़ा। होल्यारों ने सिद्धि को दाता विघ्न विनाशन होली खेले गिरजापति नंदन और कैले बांधी चीर हो रघुनंदन राजा जैसे पारंपरिक फाग गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह महिलाओं की बैठकी होली भी आयोजित हुई, जिसमें लोकधुनों की मधुर स्वर लहरियां गूंजती रहीं। वहां प्रधान बीना बोरा, नवीन बोरा, जनार्दन पांडे, हरीश पांडे, दिनेश बोरा, कवींद्र कुवार्बी, विवेक पांडे, आशीष पांडे, गिरजानंदन पांडे और हरिहर पांडे सहित ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। ताड़ीखेत और आसपास के गांवों में भी होली पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। संवाद