अल्मोड़ा। लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब के पारवती नयाल मंच में महिला रामलीला के चौथे दिन श्रीराम वनवास से त्रिशिरा वध तक की रामलीला का मंचन किया गया। इस दौरान केवट प्रसंग आकर्षण का केंद्र रहा। रामलीला मंचन का आनंद उठाने के लिए देर रात्रि तक दर्शक मौजूद रहे।
श्रीराम सांस्कृतिक एवं सामाजिक सेवा समिति की ओर से आयोजित रामलीला मंचन में सभी पात्रों की भूमिका बालिकाएं और महिलाएं निभा रहीं हैं। चौथे दिन श्रीराम वनवास सहित दशरथ मरण प्रसंग के मंचन को देख भाव विभोर हो गए।
वहीं केवट प्रसंग की प्रस्तुति के दौरान पात्रों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। भगवान श्रीराम को गंगा पार कराया। गंगा पार उतरने के बाद श्रीराम ने केवट को उसकी मजदूरी देनी चाही तो केवटों ने हाथ जोड़ कर कहा - नाथ न लूं तुमसे उतराई गीत के साथ उतराई लेने से मना कर दिया। इसके बाद चित्रकूट में भगवान श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण को वापस अयोध्या ले जाने के लिए भरत पूरी सेना के साथ पहुंचे और श्रीराम से वापस लौटने का आग्रह किया लेकिन जब श्रीराम नहीं लौटे तो भरत उनकी चरण पादुकाओं को सिर पर लेकर वापस अयोध्या को लौट गए।
इधर पंचवटी में शूर्पणखा ने श्रीराम और लक्ष्मण को परेशान किया तो श्रीराम के कहने पर लक्ष्मण ने उसके नाक और कान काट दिए। वहीं इस दौरान त्रिसरा वध का मंचन भी किया गया।