छावनी परिषद की भूमि पर अवैध रूप से सड़क कटान का मामला सुर्खियों में आया है। मामला निकटवर्ती इंदिरा बस्ती के निकट रावत गार्डन का है, जहा कैंट से एनओसी लिए बगैर जेसीबी चलाई जा रही थी। चर्चा है कि किसी राजनीतिक दल विशेष को चुनाव में लाभ पहुंचाने के लिए सड़क काटी जा रही थी। हालांकि सूचना के बाद छावनी परिषद ने सड़क कटान का कार्य रोक दिया। छावनी परिषद की ओर से कोतवाली में मामले की तहरीर दे दी गई है।
नगर से लगे रावत गार्डन में छावनी परिषद की बी 4 भूमि पर मंगलवार की शाम जेसीबी मशीन के माध्यम से सड़क कटान का कार्य शुरू कर दिया। बगैर एनओसी के सड़क कटान की सूचना मिलने पर पूरे छावनी परिषद में हड़कंप मच गया। उपजिलाधिकारी रजा अब्बास के निर्देश पर तहसीलदार नितेश डांगर के नेतृत्व में छावनी टीम और पुलिस मौके पर पहुंचे। कटान कार्य रुकवाकर पुलिस ने जेसीबी कब्जे में ले ली। मालूम हो कि इस तरह की भूमि पर किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता। नगर में चर्चा है कि यह सड़क किसी राजनीतिक दल विशेष को चुनाव में लाभ दिलाने के लिए काटी जा रही थी। कटान में लगी जेसीबी भी दल विशेष के कार्यकर्ता की बताई जा रही है। दूसरी तरफ जिस स्थान पर सड़क काटी जा रही थी वह भूगर्भीय लिहाज से अति संवेदनशील है। भूमि की सुरक्षा के लिए छावनी परिषद इसकी घेरबाड़ करेगी। छावनी परिषद की सीईओ ज्योति कपूर का कहना है कि कैंट की बी 4 लैंड में अतिक्रमण और अवैध कटान का मामला अधिनियम का उल्लंघन है। तहरीर कोतवाली में दे दी गई है।