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बरसात से पूर्व सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें : डीएम

Thu, 15 May 2025 11:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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अल्मोड़ा। जिले में आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर सभी संबंधित विभागों की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि इस बार सामान्य से अधिक लगभग 105 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में हम सभी को पूर्व से ही तैयार रहना होगा। बरसात शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त कर लेना अत्यंत आवश्यक है।
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उन्होंने कहा कि आपदा के समय प्रभावी कार्रवाई के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। तहसील स्तर पर खोज और बचाव से जुड़े उपकरणों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। थानों या तहसीलों में चेतावनी जारी करने के लिए सायरन की व्यवस्था की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना प्रसारित की जा सके। डीएम ने सिविल डिफेंस मॉकड्रिल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि वह जिले की सड़कों की स्थिति पर बारीकी से निगरानी रखे और बंद कलवर्टों की समय पर सफाई कराना सुनिश्चित करे।
खोज एवं बचाव उपकरण यदि कहीं कम हों, तो उनकी तत्काल खरीद की जाए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी आपदा नियंत्रण कक्ष पूरी तरह सक्रिय रहेंगे और संबंधित सभी मोबाइल नंबर चालू स्थिति में हों। उन्होंने बताया कि जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील होते हैं, इसलिए इन महीनों के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने सभी हेलीपैडों का निरीक्षण कर उन्हें चालू स्थिति में रखने के निर्देश दिए। वहां डीएफओ दीपक सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत राहुल आनंद, एसडीएम संजय कुमार, एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी माजूद रहे।
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यह है फौरी व्यवस्था

अल्मोड़ा। तैयारियों के तहत अब तक 1204 ट्रेनी जिनमें आईटीआई, फायरफाइटर, पीटीएस आदि संस्थानों से जुड़े युवा शामिल हैं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्ष 2025-26 के लिए स्कूलों, पूर्व सैनिकों, ग्राम प्रहरियों और पीआरडी के सदस्यों को भी आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित करना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि जो पूर्व सैनिक स्वेच्छा से आपदा सेवा में योगदान देना चाहें, उन्हें आपदा मित्र के रूप में नियुक्त कर आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाए।
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