प्रसिद्ध सूर्य मंदिर कटारमल में अष्टकुंडी यज्ञ में आहुति देते स्थानीय लोग।
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पौष माह के अंतिम रविवार को उत्तर भारत के एकमात्र सूर्य मंदिर कटारमल में सूर्य पर्व पर धार्मिक अनुष्ठान हुए। भगवान सूर्य के साथ ही नौ ग्रहों की पूजा अर्चना की गई। साथ ही अष्टकुंडी यज्ञ और हवन यज्ञ हुआ। मुख्य अतिथि केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने 15वें सूर्य पर्व मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मंदिर के नेशनल म्यूजियम दिल्ली में रखे चंदन के दरवाजे और मंदिर से पूर्व में बाहर चली गई मूर्ति को वापस लाया जाएगा। पर्यटन की दृष्टि से मंदिर को नवग्रह सर्किट से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि कोसी से कटारमल गांव के लिए नई पंपिंग योजना बनाई जाएगी। विशिष्ट अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष और विधायक रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि मंदिर के क्षतिग्रस्त शिखर के जीर्णोद्धार के लिए सरकार और ईएसआई से बात कर इसे ठीक कराया जाएगा। कहा कि मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। रविवार को सूर्य पर्व पर करीब आठ हजार से अधिक भक्तों ने मंदिर में भगवान सूर्य के चरणों में शीश झुकाया। सुबह भगवान सूर्य को जलाभिषेक करने के साथ नौ ग्रहों की पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर हुए अष्टकुंडीय यज्ञ में आहुतियां देकर देश के कल्याण की कामना की गई। मंदिर में हुए भंडारे में दर्जनों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
कटारमल, ज्योली, कनेली, हवालबाग, विमौला, नैनी, पंतगाव, कठपुडिय़ा के अलावा बाहरी स्थानों से काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसडीएम विवेक राय, तहसीलदार, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष ललित लटवाल, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष गोपाल सिंह बिष्ट, प्रधान कमला बिष्ट, कुंदन बिष्ट, भगवत बिष्ट, दीवान भंडारी आदि मौजूद थे।