अल्मोड़ा। भारत सरकार की स्वदेश योजना से धार्मिक पर्यटक स्थलों का विकास होगा। योजना के अंतर्गत जिले में जागेश्वर और कटारमल सूर्य मंदिर को शामिल किया गया है। पर्यटन विभाग इन दोनों स्थानों पर सुविधाओं का विकास करेगा, ताकि इन स्थानों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सके।
अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ मार्ग में आरतोला के निकट जागेश्वर धाम देवदार के घने जंगल के बीच स्थित है। 124 मंदिरों के समूह जागेश्वर धाम को द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। इन मंदिरों का निर्माण सातवीं से 14वीं शताब्दी के मध्य हुआ है। यहां जागनाथ, महामृत्युंजय, पुष्टिमाता, नवदुर्गा, बदरीनाथ, केदारनाथ, नीलकंठ, कुबेर भगवान आदि के मंदिर हैं।
सावन माह में यहां मेले लगता है और साल भर भक्तजन और पर्यटक पहुंचते हैं। जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूरी पर सूर्य मंदिर कटारमल कत्यूरी काल का प्रसिद्ध मंदिर है। इसे देश के दुलर्भ सूर्य मंदिरों में एक माना जाता है, लेकिन प्रचार प्रसार नहीं होने और सुविधाओं के अभाव में पर्यटन स्थल का रूप नहीं ले सका है।
मुख्य मार्ग से मंदिर तक जाने वाली करीब तीन किमी लंबी सड़क की हालत खराब है कई सालों से इसे पक्का नहीं किया जा सका है। भारत सरकार ने स्वदेश योजना के अंतर्गत जागेश्वर और कटारमल सूर्य मंदिर को शामिल किया है। इन दोनों स्थानों पर सुविधाओं का विकास होगा।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्या ने बताया कि जागेश्वर धाम और कटारमल में प्रवेश द्वार, शौचालय, पथ प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ीकरण के लिए सोलर लाइटें, पार्किंग, सड़क सुदृढ़ीकरण, पार्किंग, बैठने के लिए बैंच आदि सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। शासन के निर्देश पर विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रस्ताव तैयार कर शासन के माध्यम से भारत सरकार को भेजा जाएगा।