Jupiter and Saturn will be closest today after four hundred years
अल्मोड़ा। साल के अंतिम संक्रांति यानी 21 दिसंबर को बृहस्पति और शनि ग्रह चार शताब्दी के बाद सबसे करीब होंगे। अल्मोड़ा अंतरिक्ष एस्ट्रोनोमी क्लब के खगोलविद् राकेश बिष्ट ने बताया कि पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध के कुछ हिस्से सर्द मौसम महसूस कर रहे हैं लेकिन सर्दियों की असल शुरुआत संक्रांति पर होती है।
उन्होंने बताया कि इस समय एक गोलार्ध में दिन सबसे छोटा होता है और दूसरे गोलार्ध में सबसे लंबा। 21 दिसंबर पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध के लिए शीतकालीन जबकि दक्षिणी गोलार्ध के लिए ग्रीष्मकालीन संक्रांति है। उन्होंने बताया सौर मंडल के दो सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति और शनि के मिलन को ग्रेट कंजक्शन कहा जाता है। बृहस्पति और शनि ग्रह का यह कंजक्शन औसतन प्रत्येक 20 वर्षों में एक बार होता है। शनि और बृहस्पति ग्रह को आजकल सूर्यास्त के बाद दक्षिण- पश्चिम क्षितिज के पास देखा जा सकता है, जो धीरे-धीरे प्रत्येक रात गुजरने के साथ करीब आ रहे हैं। यह वर्ष 2080 तक बृहस्पति और शनि के बीच का सबसे बड़ा संयोग है। ऐसा ही संयोग वर्ष 2000 में था लेकिन दिन में सूर्य के पास यह संयोग होने के कारण उन्हें देखना मुश्किल था। 21 दिसंबर को बृहस्पति और शनि एक दूसरे से केवल 0.1 डिग्री या छह आर्कमिनट की दूरी पर होंगे। यह जोड़ी एक लंबे तारे या फिर दोहरे ग्रह की तरह दिखाई देगी।