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पर्वतीय क्षेत्र के विकास के पैरोकार थे स्व. जीना: चौहान

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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना न्यास की ओर से रैमजे इंटर कॉलेज में पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री सोबन सिंह जीना की 111वीं जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि स्व. जीना पर्वतीय क्षेत्र के विकास के पैरोकार थे। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में विद्यालय स्थापित कर आम लोगों तक शिक्षा सुगमता से पहुंचाई।
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मुख्य वक्ता न्यास के संस्थापक संयोजक गोविंद सिंह भंडारी ने कहा कि स्व. जीना पर्वतीय जनता के अनुरूप पहाड़ की राजधानी उत्तराखंड के मध्य बिंदु गैरसैंण में बनाने के पक्षधर थे। कांग्रेस शासनकाल में गैरसैंण को राजधानी का स्वरूप दिया गया। भाजपा सरकार ने उसे ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया है। जब तक गैरसैंण स्थायी राजधानी नहीं बनेगी तब तक राज्य की जनता का सपना अधूरा रहेगा।
कार्यक्रम में उल्लेखनीय कार्यों के लिए एसएसजे परिसर के पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. जय दत्त उप्रेती और बागेश्वर के उद्योगपति दलीप सिंह खेतवाल को जीना अवार्ड से सम्मानित किया गया। डॉ. उप्रेती का संस्कृत पुस्तक लेखन में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणीय स्थान है। खेतवाल ने लॉकडाउन के दौरान अपने सभी कर्मचारियों को एक लाख से अधिक की धनराशि उपहार के तौर पर दी। साथ ही हाईस्कूल, इंटर बोर्ड परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक लाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
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अध्यक्षता न्यास के अध्यक्ष मोहन सिंह रौतेला और संचालन मंत्री डॉ. बीडीएस नेगी ने किया। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पीसी तिवारी, किशन मलाड़ा, आनंद बगडवाल, चंदन ऐठानी, रमेश पर्वतीय, टीआर आर्या, चंद्रमणि भट्ट, पूरन तिवारी, दयाकृष्ण कांडपाल, गोपाल नयाल, जेसी दुर्गापाल, कैलाश गुरुरानी, देवेंद्र जीना ने विचार रखे। जीना जयंती पर गो सदन ज्योली में पौधे रोपे गए।
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