मां नंदा-सुनंदा के डोले की भव्य शोभायात्रा के साथ ही आठ दिवसीय नंदा महोत्सव संपन्न हो गया है। नंदा-सुनंदा के डोले की शोभायात्रा में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। शोभा यात्रा में शामिल श्रद्धालु भजन गाते और मां के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। मार्गों पर मकानों की छतों और खिड़कियों के झरोखे से भी लोगों ने मां नंदा-सुनंदा के डोले के दर्शन किए। महिलाओं ने डोले पर अक्षत और पुष्प अर्पित किए।
चंद राज वंशज पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा ने शुक्रवार सुबह नंदादेवी मंदिर में पूजा अर्चना की। शाम को हल्की बूंदा-बांदी के बीच नंदादेवी मंदिर प्रांगण से मां नंदा-सुनंदा का डोला निकला। सबसे आगे पारंपरिक परिधान में महिलाएं मां के जयकारे लगाते चल रही थी। डोले को जीजीआईसी के निकट भगवती मंदिर के सामने ले जाया गया और वहां से पूजा अर्चना के बाद डोला मुख्य बाजारों से होकर दुगालखोला पहुंचा। इससे पहले रास्ते पर सर्किट हाउस में चंद राज परिवारजनों ने मां नंदा सुनंदा की पूजा के साथ विदा किया।
दुगालखोला स्थित नौले में धार्मिक विधि विधान के साथ मां-नंदा सुनंदा की मूर्तियां विसर्जित की गई। डोले में चंद वंशज केसी सिंह बाबा, राज पुरोहित नागेश पंत, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मनोज वर्मा, मुख्य संयोजक मनोज सनवाल, केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक मनोज तिवारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक, तारा चंद्र जोशी, दिनेश गोयल, एलके पंत, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद पिलख्वाल, नगर अध्यक्ष कैलाश गुरुरानी, कांग्रेस नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला, बालम भाकुनी, त्रिलोचन जोशी, अशोक पांडे, अनूप साह , एसडीएम विवेक राय, सीओ कमल राम आर्या आदि शामिल थे। इससे पूर्व बृहस्पतिवार की रात को मेले में जै नंदा लोक कला केंद्र, दर्पण समिति तथा एनसीसी कैडेटों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्य रूप से वरिष्ठ लोक कलाकार चंदन बोरा, गायिका लता पांडे, दीवान तथा गौरव आदि ने कई कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। संचालन लता पांडे ने किया।