तौड़ा गांव में पीलिया रोग ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। शुक्रवार को फिर से 10 और रोगियों में पीलिया के लक्षण मिले हैं। सीएमओ डा. आरसी पंत ने चिकित्सकों की टीम के साथ प्रभावित गांव का दौरा कर गांव में अस्थायी चिकित्सालय खोल दिया है। यहां 24 घंटे चिकित्सक रोगियों का उपचार करेंगे।
28 मार्च के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डेरा जमाया हुआ है, शुक्रवार को भी गांव में 10 और रोगियों में पीलिया के लक्षण मिले हैं, इससे पहले 17 लोगों में पीलिया की पुष्टि हो चुकी है। सीएमओ डा. आरसी पंत ने प्रभावित गांव का दौरा किया। उन्होंने कहा कि रोग पूरी तरह से जल जनित है। स्रोत से बनी पेयजल योजना के पानी को फिलहाल पीने से मना कर दिया गया है। रोगियों के बेहतर उपचार के लिए गांव में ट्रांजिट कैंप (अस्थायी चिकित्सालय) खोल दिया गया है। एक हफ्ते तक चिकित्सकों की टीम रोगियों का उपचार करेगी, सीएमओ इसकी स्वयं मानीटरिंग करेंगे।
उधर जल संस्थान द्वारा ली गई पेयजल सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद बीमारी के कारणों को लेकर बहस शुरू हो गई है। इधर स्वास्थ्य विभाग रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है, चिकित्सकों का कहना है कि पीलिया रोग जल जनित होता है। इधर, सीएमओ ने पानी के दोबारा से सैंपल लेकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।