अधिकारियों को घेरे हुए ग्रामीण।
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तहसील क्षेत्र के अंतर्गत पट्टीयाचैरा-बेल-चैड़ा और सुतनिया-झड़कोट मोटर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रामनगर-गेरसैंण मोटर मार्ग के सुतनिया पुल पर एक घंटे तक जाम लगाकर धरना दिया। ग्रामीणों ने धरना स्थल पर पहुंचे लोनिवि के अधिशासी अभियंता का घेराव करके खरी-खोटी सुनाई। बाद में एसडीएम की पहल पर हुई समझौता वार्ता के बाद ग्रामीण शांत हुए।
मोटर मार्ग के निर्माण शुरू नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को सुतनिया पुल पर संयोजक तारा दत्त शर्मा के नेतृत्व में सड़क पर जाम लगा दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। सड़क पर जाम लगने से दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई।
बाद में उपजिलाधिकारी रजा अब्बास ने ग्रामीणों से बातचीत की। उनके समझाने के बाद उन्होंने जाम तो खोल दिया गया, लेकिन लोग सड़क किनारे धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे लोनिवि के अधिशासी अभियंता एमसी जोशी को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने उनका घेराव किया।
उपजिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीण शांत हुए। अधिकारियों ने एक नवंबर से सड़क का काम शुरू करने का आश्वासन दिया। संयोजक टीडी शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समझौते के मुताबिक एक माह में सकारात्मक पहल नहीं हुई तो अनशन शुरू कर दिया जाएगा। वार्ता में ग्रामीणों की ओर से श्रीमती पुष्पा भट्ट, प्रमोद नैनवाल,तारा दत्त शर्मा, प्रकाश जोशी, बीडी छिमवाल, हीरा सिंह, भगवत सिंह, देवीदत्त, तारा दत्त, भीम सिंह, जगत सिंह, हरी राम, हीरा सिंह आदि मौजूद थे।