नगर के साथ ही अब ग्रामीण कस्बों में भी यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। कस्बों में भी जाम की समस्या आम हो गई है। चितई कस्बे में बृहस्पतिवार को दिन में लगे दो घंटे जाम से लोगों की फजीहत हुई। जाम में दर्जनों की संख्या में वाहन फंसे रहे। बाद में आरटीओ कर्मियों ने जाम खुलवाया। इसके बाद वाहन गंतव्य को निकले।
अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ मार्ग में चितई कस्बे में प्रसिद्ध ग्वल देवता का मंदिर है। यहां वर्ष भर लोग, श्रद्धालु और पर्यटक पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, लेकिन यहां कोई भी पुलिस कर्मी तैनात नहीं रहता। वाहनों का दवाब बढ़ने पर दिन में कई बार जाम की समस्या रहती है, लेकिन पुलिस और प्रशासन इस ओर उदासीन बना रहता है।
गुरुवार को दिन में चितई कस्बे में करीब 11:30 बजे जाम लग गया। दर्जनों वाहन जाम में फंस गए।
इस कारण लोगों, यात्रियों, पर्यटक वाहनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाद में आरटीओ कर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने बड़ी मशक्कत के बाद 1:30 बजे जाम खुलवाया। चितई कस्बे में जाम की समस्या आम होते जा रही है। जाम के चलते व्यापारियों और स्थानीय लोगों को भी दिक्कतें होती हैं। क्षेत्र के लोग लंबे समय से कस्बे में ट्रेफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे कस्बे के लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त है।