द्वाराहाट तहसील का जाजली कस्बा कई समस्याओं से जूझ रहा है। यहां सफाई व्यवस्था तो दूर कूड़ादान तक नहीं है। कस्बे के लोग पानी की समस्या से खासे परेशान हैं। सड़कों की बदहाली से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही है। उपतहसील बनने के बाद भी लोगों को समस्याओं से निजात नहीं मिल पा रही है।
भिकियासैंण और द्वाराहाट ब्लाक के बीच में स्थित जाजली कस्बे कई गांवों का व्यापारिक केंद्र है। कस्बे में करीब सवा सौ से अधिक दुकानें हैं। वर्तमान में यहां के लोग कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। कस्बे में सफाई की व्यवस्था न होने से लोग खासे परेशान हैं। जिला पंचायत यहां कूड़ादान तक की व्यवस्था नहीं कर पाई है। सड़कों की हालत बेहद दयनीय है। सड़कों पर जगह जगह गड्ढे बने हुए हैं। इनमें पानी की निकासी के लिए नालियां नहीं बन पाई है।
क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति के लिए बड़े क्षेत्र के लिए एक मात्र डहल-भटकोट पेयजल योजना बनी है। इससे भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। लोगों को पानी के लिए ज्यादातर हैंडपंपों और पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। जीआईसी में गणित, अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, संस्कृत और नागरिक शास्त्र विषय के प्रवक्ता नहीं हैं। कस्बे में उप तहसील बन चुकी है, लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। व्यापार मंडल के संरक्षक जनार्दन पांडे का कहना है कि पूर्व में जिला पंचायत ने यहां कूड़ेदान लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कूड़ेदान नहीं लगाए गए हैं। उपतहसील में अभी तक स्टाफ की तैनाती नहीं हुई है। जिला पंचायत कर वसूलने तक ही सिमटी हुई है।
रानीखेत। क्षेत्रवासी बताते हैं कि 1997 में जाजरी को ब्लाक बनाने की घोषणा हुई थी। तब यह ब्लाक कार्यालय खुला भी। लेकिन खुलने के दो महीने बाद बंद हो गया। लोगों को का कहना है कि ब्लाक न होने से क्षेत्र के लोगों को ब्लाक संबंधी कार्य के लिए भिकियासैण और द्वाराहाट जाना पड़ता है। इसको देखते हुए क्षेत्रवासियों ने जाजरी को ब्लाक बनाने की भी मांग की है।