श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम के सहयोग से जागेश्वर में भी शीघ्र होम स्टे योजना लागू की जाएगी। निगम इस योजना से जुड़ने वाले स्थानीय लोगों को अपने स्तर से मदद करेगा। अभी तक पिथौरागढ़ के कई ट्रैकिंग मार्गों और अल्मोड़ा के बिंसर क्षेत्र में होम स्टे योजना चल रही है।
जागेश्वर धाम में सावन माह के अलावा गर्मी के पूरे सीजन में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती है, लेकिन जागेश्वर में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला आदि नहीं हैं। कई बार जागेश्वर में स्थित सभी होटल भी पैक हो जाते हैं और लोग चाहकर भी वहां स्टे नहीं कर पाते।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने जागेश्वर में भी होम स्टे योजना को लागू करने का फैसला किया है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल ने बताया कि जागेश्वर और आसपास के गांवों के लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
एमडी ने बताया कि स्थानीय लोग अपने घरों को थोड़ा सुविधायुक्त बनाकर पर्यटकों को टिका सकते हैं। इसके लिए घरों में अच्छे शौचालय और पानी आदि की व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने बताया कि निगम के आवास गृह में जगह उपलब्ध नहीं होने पर पर्यटकों को स्थानीय होम स्टे संचालकों के वहां भेज दिया जाएगा।
जिससे उन्हें मार्केटिंग में दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि होम स्टे में ठहरने वाले पर्यटक स्थानीय व्यंजनों का जायका भी ले सकेंगे। होम स्टे योजना से जुड़कर स्थानीय लोग अपनी आय बढ़ा सकते हैं। साथ ही पर्यटकों को भी कम खर्च करके घर की तरह रुकने व्यवस्था उपलब्ध होगी। एमडी ने बताया कि इसके लिए केएमवीएन की एक टीम शीघ्र जागेश्वर भेजी जाएगी।