जगन्नाथ रथ यात्रा में उमड़ी भीड़।
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भटकोट के प्रयागेश्वर धाम से भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा में तमाम लोग शामिल हुए। कुछ ने घरों और ऊंची इमारतों की छतों से भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। यात्रा के दौरान पूरा माहौल कृष्णमय हो गया। यात्रा का अगनेरी मंदिर में भंडारे के साथ समापन हुआ।
इस्कान (अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ) की ओर से छठवें वर्ष आयोजित भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा की रथ यात्रा रविवार को भटकोट के प्रयागेश्वर मंदिर से ध्वजों के साथ शुरू हुई। यात्रा चांदीखेत और चौखुटिया बाजार से होते हुए करीब चार किलोमीटर चलकर अगनेरी मंदिर पहुंची। अगनेरी में भंडारे के साथ यात्रा का समापन हुआ। रथ विशाल मोटी रस्सियों से बांधा गया था। जिसे खींचने के लिए दोनों तरफ से लोग कतारबद्ध थे। सभी लोग जय-जय जगन्नाथ स्वामी और हरे रामा-हरे कृष्णा जैसे भजन गाते झूम रहे थे। देश के विभिन्न हिस्सों से आए संतगण हारमोनियम, मृदंग, करताल, झांज तथा झाली के अलावा घंटा तथा शंख बजाते चल रहे थे। इससे पूर्व नारियल फोड़कर यात्रा का शुभारंभ हुआ।
देश के विभिन्न प्रांतों से पहुंचे संत
चौखुटिया(अल्मोड़ा)। यात्रा में पश्चिमी बंगाल से कृष्ण सखा प्रभु, राजस्थान से श्रीराम प्रभु, उड़ीसा से सुचित्रा प्रभु, पूरन प्रभु वृंदावन से बृजेश, तनय विदुर, सदाशिव प्रभु और सीताराम प्रभु के साथ अलावा दिल्ली से पच्चीस भक्तों की टोली के साथ पति शरण प्रभु पहुंचे हैं। संयोजक गोविंद दास ब्रह्मचारी ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया है।