चुनाव ड्यूटी के लिए वाहनों के अधिग्रहण के कारण अब तीन दिन तक लोगों को गंतव्य तक जाने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं हो सकेंगे। मंगलवार को भी कई यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 16 फरवरी को पोलिंग पार्टियों की वापसी के बाद ही लोगों को पर्याप्त वाहन उपलब्ध हो सकेंगे।
छह हजार से अधिक कर्मचारियों की निर्वाचन में ड्यूटी लगी होने के कारण चुनाव आयोग के निर्देश पर आरटीओ ने रोडवेज, केएमयू के अलावा छोटे वाहनों को चुनाव ड्यूटी में जा रहे कार्मिकों को ले जाने और लाने की ड्यूटी में लगाया है। इस कारण वाहनों का टोटा पड़ गया है। हालत यह है कि लोगों को क्षेत्रों को जाने के लिए बस और टैक्सियां नहीं मिल पा रही हैं।
रोडवेज के एआरएम विजय त्रिपाठी ने बताया कि 62 उपलब्ध बसों में से निर्वाचन में 60 बसों को लगाया गया है जिसमें कुछ वाहन कर्मचारियों को पोलिंग बूथों में छोड़कर वापस आ गई हैं जबकि 16 बसें पुलिस बल को लेकर गई हुई हैं। जो अभी वापस नहीं आई हैं। इधर एआरटीओ विमल कुमार पांडे ने बताया कि चुनाव के लिए 210 बसों और 125 छोटे वाहनों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। यह व्यवस्था मतदान पार्टियों की वापसी यानी कि 16 फरवरी तक रहेगी।