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सीएस के सामने उठा स्वास्थ्य, बंदर और कूड़े का मुद्दा 

Tue, 12 Dec 2017 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
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मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह को समस्याओं की जानकारी देते पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी। - फोटो : amar ujala
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अल्मोड़ा। सर्किट हाउस में प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने शहर में बढ़ती बंदरों की समस्या, अंडर ग्राउंड कूड़ेदान बनाने, बेस अस्पताल में डायलिसिस की व्यवस्था करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयकों के लिए बजट की मांग रखी। इस संबंध में मुख्य सचिव ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया। 
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पालिकाध्यक्ष ने कहा कि शहरवासी बंदरों के आतंक से परेशान हैं। उन्होंने बंदरबाड़ा और बंदरों के बधियाकरण के लिए ऑपरेशन थियेटर के लिए 1.50 करोड़ अवमुक्त किए जाने की मांग की। कहा कि जिला मुख्यालय के अस्पतालों में डायलिसिस की व्यवस्था नहीं है। इसके लिए लोगों को हल्द्वानी जाना पड़ता है।

इसके अलावा शहर की स्वच्छता के लिए 15 स्थानों पर अंडर ग्राउंड कूड़ेदान बनाने के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया जाना चाहिए। बताया कि चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार पालिका को मिलने वाली राशि वेतन भुगतान के लिए पूरी नहीं हो पाती है।
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नवंबर और दिसंबर के वेतन भुगतान के लिए धनराशि पालिका के पास नहीं है। पूर्व की तरह पालिका को क्षतिपूर्ति की राशि मिलनी चाहिए। वर्ष 2000 के बाद पालिका के सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन, ग्रेच्युटी, अवशेष एरियर लंबित है।

मख्य सचिव ने बंदरों की समस्या, डायलिसिस मशीन को लेकर डीएम से प्रस्ताव भेजने को कहा। मुख्य सचिव ने कहा कि जिले से उनका पुराना लगाव है। समस्याओं के निदान को प्राथमिकता दी जाएगी। इस दौरान सभासद राजेंद्र तिवारी, अशोक पांडे, विद्या बिष्ट, कंचन भट्ट भी मौजूद थीं। 

सचिवालय में बंदर देख लेते थे फाइलें
अल्मोड़ा। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि बंदरों की समस्या पूरे देश में है। अपने अनुभव सुनाते हुए चुटकी लेते हुए उन्होंने बताया कि जब वह दिल्ली सचिवालय में थे। तब वहां कभी कार्यालय कक्ष की खिड़की खुली रहती थी तो बंदर फाइलें देख लेते थे।
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