अल्मोड़ा। जिले में आंतों की टीबी के मामले लगातार बढ़ने लगे है। चिकित्सकों के मुताबिक पोषक तत्वों की कमी, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, आंतों में संक्रमण बीमारी इसका प्रमुख कारण हैं। चिंता की बात यह है कि युवा वर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है।
राजकीय टीबी अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2024- 25 में करीब 675 मामले सामने आए है, इसमें एक्स्ट्र पल्मोनरी के 363 और एक्स्ट्र पल्मोनरी 312 मामले दर्ज है। एक्स्ट्र पल्मोनरी में आने वाली टीबी के 100 मामलों में 20 से अधिक युवा शामिल है।
मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल की रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र पुनेरा ने कहा कि ओपीडी में हर महीने में पल्मोनरी करीब 50 मरीजों में 10 युवाओं आंतों की टीबी के मरीज होते है।
बताया कि आंतों की टीबी, जिसे उदर तपेदिक भी कहा जाता है। ये माइक्रो बैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होती है।
यह आमतौर पर फेफड़ों के टीबी से जुड़ा होता है, लेकिन यह शरीर के अन्य हिस्सों, जैसे आंतों को भी संक्रमित कर सकता है। उन्होंने बताया आंतों की टीबी से आंत फटने की भी संभावना बनी रहती है। संवाद