कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अभियान चलातीं महिलाएं।
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राजनीतिक जागरूकता अभियान के बाद अब महिला एकता परिषद ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जागरूकता अभियान की शुरुआत कांडे सुनाड़ी गांव से कर दी है। गांवों में गोष्ठियों के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को अभियान से जोड़ने की योजना है।
मालूम हो कि राजनीतिक जागरूकता पदयात्रा के तहत महिला एकता परिषद ने गांव-गांव में लोगों को वन्य जीवों के आतंक से निजात दिलाने वाले जनप्रतिनिधियों को सहयोग करने की अपील की थी। उक्रांद प्रत्याशी पुष्पेश त्रिपाठी ने शपथ पत्र सौंपकर इस समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया था।
परिषद की सचिव मधुबाला कांडपाल के कहा कि बेटियों को आज भी लोग हेय दृष्टि से देखते हैं, जन्म लेने से पहले ही भ्रूण हत्या कर दी जाती है, जो एक अपराध है। अब लोगों को इस कुरीति के खिलाफ जागरूक करने की योजना है। संयोजिका भगवती तिवारी ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को सबसे अधिक जागरूक करने की जरूरत है, यदि महिलाएं सामाजिक और राजनीतिक तौर पर परिपक्व होंगी तो समाज का नजरिया शीघ्र बदल दिया जाएगा। तुलसी देवी ने कहा कि गांवों में बंदर, सुअरों का आतंक अधिक है, जिससे निजात मिलना जरूरी है।
अध्यक्षता करते हुए सुनाड़ी क्षेत्र की अध्यक्ष दुर्गा देवी ने कहा कि एकजुट होकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया जा सकता है। कहा कि युवाओं और बुजुर्गों को साथ लेकर समाज में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। यह अभियान 15 दिनों तक गांवों में चलेगा। आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पोखर में महिलाओं की पीड़ा पर समाज का नजरिया विषय पर गोष्ठी होगी। सचिव मधुबाला कांडपाल ने हर वर्ग के लोगों से इस गोष्ठी में भाग लेने की अपील की है। इस अवसर पर कमला देवी, अंबा देवी, शोभा देवी, लता देवी, भगवती देवी आदि मौजूद थीं।