जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने मोटर दुर्घटना के एक मामले में आईसीआईसीआई लमबार्ड इंश्योरेंश कंपनी मुंबई और देहरादून शाखा को याचीगणों को पांच लाख रुपये प्रतिकर के रूप में अदा करने के आदेश दिए हैं।
महाकालेश्वर आजीविका स्वायत्त सहकारिता बासोट भिकियासैंण में लेखाकार अमित पंत चार दिसंबर 2017 को अपनी मोटर साइकिल संख्या यूके-01-बी-6675 से अपने गांव पंत गांव से हल्द्वानी को जा रहे थे। सायं साढे़ छह बजे चकलुवा और लामाचौड़ के बीच निहालगेट के पास अज्ञात वाहन ने अमित को टक्कर मार दी। उपचार के दौरान अमित पंत की मौत हो गई। उन्हें प्रतिमाह 8700 रुपये वेतन मिलता था। इसके अलावा वह ट्यूशन, दूध और सब्जी व्यवसाय से 10 हजार रुपये कमाता था। उनकी प्रतिमाह आय 19 हजार रुपये थी।
इन तथ्यों के आधार पर उनकी मां रमा पंत और भाई गौरव पंत ने 20 लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाने के लिए न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायालय ने इंश्योरेंश कंपनी को पांच लाख रुपये याचीगणों को अदा करने के आदेश दिए हैं। इनमें से 3.50 लाख रुपये मां रमा पंत के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में पांच वर्ष के लिए समयावधि योजना में जमा करने के आदेश दिए। शेष डेढ़ लाख रुपये की धनराशि में से रमा पंत और गौरव पंत बराबर प्राप्त करने के अधिकारी होंगे। इंश्योरेंश कंपनी को आदेशित किया है कि यह धनराशि एक माह के भीतर अदा की जाए। निर्धारित अवधि में धनराशि अदा नहीं करने पर सात फीसदी वार्षिक ब्याज वाद दायर करने की तिथि से भुगतान करना होगा।