बागेश्वर। डीएम आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में पहली बार आयोजित जनता दरबार में अधिकारियों की जमकर परीक्षा हुई। उन्होंने अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने और आपदा के दौरान सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान का नियमानुसार प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभाग को देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनता को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दरबार में अधिकारियों के प्रति डीएम कोंडे ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ में तैनात अधिकारियों को पूर्व में ही वर्चुअल माध्यम से जुड़ने और कार्यक्षेत्र न छोड़ने की सूचना दी गई थी। बावजूद इसके कई अधिकारी कार्यक्षेत्र छोड़कर जनता दरबार में पहुंचे। डीएम कोंडे ने उन्हें आगामी जनता दरबार में अपने कार्यक्षेत्र से ही वर्चुअल माध्यम से जुड़कर जनसमस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी के विभागीय कार्यों के चलते जिले में न होने पर गरुड़ ब्लॉक की बाल विकास परियोजना अधिकारी आशा भट्ट जनता दरबार में विभागीय जानकारियों की अधूरी जानकारियां लेकर पहुंची। डीएम कोंडे ने उन्हें विभागीय योजनाओं के संचालन में लापरवाही न बरतने और पूरी तैयारी के साथ बैठक में आने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में बंटने वाला बाल पुष्टाहार समय से लाभार्थियों को वितरित न करने और राशन को दुकानों में बेचते पाए जाने पर संबंधित को निलंबित करने की चेतावनी दी। उन्होंने जनता दरबार में रविवार को अमर उजाला के अंक में प्रकाशित जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड ठप शीर्षक से प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में अल्ट्रासाउंड ठप होना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। एसीएमओ डॉ. दीपक को तत्काल सेवा सुचारू कराने के निर्देश दिए। जनता दरबार में डीएम के सख्त रवैये से अधिकारी गोलमोल जवाब देकर बचने का प्रयास करने लगे।
आपदा से हुई क्षति की महज सूचना देकर बचते नजर आए अधिकारी
जनता दरबार के दौरान जब शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास और पंचायती राज विभाग से आपदा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की प्रगति के बारे में पूछा गया तो सभी विभागों ने आपदा प्रबंधन विभाग को सूचित करने की बात कही जिस पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि सभी विभागों ने केवल सूचना दी है लेकिन प्रस्ताव और आगणन नहीं दिए गए हैं। इस पर डीएम कोंडे ने अधिकारियों को आपदा से हुई क्षति का नियमानुसार प्रस्ताव और आगणन तैयार करने के निर्देश दिए।