एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में आयोजित कार्यशाला में मौजूद प्रतिभागी।
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एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के योग शिक्षा विभाग की ओर से योग विभाग में वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का चिकित्सकीय अनुप्रयोग विषय पर आयोजित दस दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में दूसरे दिन प्रतिभागियों को एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति के बारे में जानकारी दी गई।
एक्यूप्रेशर विशेषज्ञ डॉ. अमृत लाल गुरुवेंद्र ने एक्यूप्रेशर चिकित्सा और सुजोक चिकित्सा के सैद्धांतिक पक्ष के बारे में बताया। उन्होंने एक्यूप्रेशर पद्धति के लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एक्यूप्रेशर और सुजोक चिकित्सा पद्धति तुरंत लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया है। कार्यशाला के आयोजक परिसर के योग शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन चंद्र भट्ट ने बताया कि 21 अप्रैल को विभिन्न महाविद्यालयों के छात्रों की प्रतियोगिता होगी। कार्यशाला के माध्यम से 300 स्वास्थ्य रक्षक तैयार किए जा रहे हैं जो योग शिक्षा के साथ ही वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों से समाज को लाभ पहुंचाएंगे। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल को एक्यूप्रेशर चिकित्सा, सुजोक चिकित्सा द्वारा चार से पांच बजे तक रोगियों का उपचार किया जाएगा। कार्यशाला में प्रेम प्रकाश पांडेय, डॉ. लल्लन कुमार सिंह, हेमलता अवस्थी, डा. ललित जोशी, संदीप लयाल, ऋतु पांडे, हर्ष वर्मा, चंदन लटवाल, गिरीश अधिकारी, रेनू कार्की, कैलाश भट्ट, दयाल पांडे, पवन जोशी, रश्मि सांगा, विरेंद्र, मोहित कुमार, कृष्णा बिष्ट, भास्कर तिवारी, कपिल आगरी, चंदन आदि मौजूद थे।