रानीखेत (अल्मोड़ा)। लद्दाख की एलओसी पर कई बार हो रही चीन की घुसपैठ से पूर्व सैन्य अधिकारी बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि चीन को अपनी जिद छोड़ एलओसी को मुक्त कर देना चाहिए। शीर्ष स्तर पर अब निर्णय लेने की क्षमता है। चीन भारत को कतई कमजोर न समझे।
सेवानिवृत्त कर्नल रामू भंडारी लद्दाख में चार साल रहे। वह गढ़वाल रायफल में तैनात थे। जिस एरिया में चीन ने सक्रियता बढ़ाई है, उस क्षेत्र में भी उन्होंने दो साल बीत किए। कर्नल भंडारी का कहना है कि चीन भारत को 1962 की तर्ज पर कमजोर समझ रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है। भारत आज अत्याधुनिक हथियारों से लैस है। सबसे बड़ी बात यह है कि अधिकांश देशों का समर्थन भारत के साथ है। चीन को सीमा के मानक मानने चाहिए और आए दिन घुसपैठ करना छोड़ देना चाहिए। कहा कि 1962 के युद्ध में चीन ने भारत की भूमि पर कब्जा कर लिया, वह भूमि भारत की है। उन्होंने कहा कि चीन में युद्ध करने की अभी हिम्मत नहीं है। भारत ने हाइएल्टीट्यूट इलाके में टैंक तक पहुंचा दिए हैं। जवाबी कार्रवाई की भारत के पास पूरी तैयारी है।