प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में स्वीकृत मौना-चापड़-बरौली-कपिलेश्वर सड़क का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। 11 किमी लंबी इस सड़क के तीन किमी हिस्से को वन भूमि की स्वीकृति सालों बाद भी नहीं मिली है।
सड़क के अभाव में क्षेत्र के ग्रामीण यातायात सुविधा से वंचित हैं। वहीं प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कपिलेश्वर धाम भी सड़क से नहीं जुड़ सका है।
मौना-चापड़-बरौली-कपिलेश्वर सड़क को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में मंजूरी मिली। सड़क के आठ किमी हिस्से का कटान हो गया है, लेकिन शेष तीन किमी हिस्से को 2013 से वन भूमि की स्वीकृति नहीं मिली है।
इससे सड़क का कटान नहीं हुआ है। वन भूमि स्वीकृति की फाइल नोडल अधिकारी देहरादून के कार्यालय में पड़ी है। इस कारण कलसीमा, सैजा, भाटकोट, बरौली, कपिलेश्वर, मौना आदि क्षेत्रों के लोगों को यातायात सुविधा नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों को दस किमी पैदल चलना पड़ता है।
भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह पिलख्वाल के नेतृत्व में ग्रामीणों का शिष्टमंडल खैरना में पूर्व मुख्यमंत्री और नैनीताल के सांसद भगत सिंह कोश्यारी से मिला।
शिष्टमडंल ने बताया कि सड़क के अभाव में आसपास के गांव और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कपिलेश्वर धाम यातायात से नहीं जुड़ सका है। उन्होंने सड़क को वन भूमि की स्वीकृति दिलाकर निर्माण करने की मांग कोश्यारी से की।
कोश्यारी ने इस मामले में कार्रवाई का भरोसा दिलाया। शिष्टमडंल में जिलाध्यक्ष गिरीश चंद्र खोलिया, खीमानंद भट्ट, हीरा गिरि नाथ गोस्वामी, मोहन सिंह, पान सिंह, राकेश कपिल, भीम सिंह, गोविंद सिंह जीना, त्रिलोक सिंह भंडारी आदि शामिल थे।