विद्युत कॉरपोरेशन ने नगर क्षेत्र में रात के वक्त बिजली की लाइनों में किसी भी तरह की खराबी आने पर इसे दुरुस्त करने का काम ठेके पर देकर पल्ला झाड़ लिया है। किसी भी जगह पर लाइनों में फाल्ट आने और गड़बड़ी होने पर विद्युत विभाग के कर्मचारी ठेकेदार के आदमियों को सूचित कर देते हैं। ठेके की यह व्यवस्था में किस कदर लापरवाही हो रही है, यह शुक्रवार रात एलआर साह रोड पर हुए हादसे से उजागर हो गया। यह व्यवस्था इसी तरह चलती रही तो नगर में कभी भी बड़ा हादसा होना तय है।
बता दें कि हाई वोल्टेज के कारण शुक्रवार रात डा. शमशेर सिंह बिष्ट के घर में इंटरकॉम लाइन, कंप्यूटर आदि जल गए और वहां आग की लपटें भी उठने लगी। जब उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को सूचना दी तो बताया गया कि रात के वक्त बिजली की लाइनों में खराबी को दुरुस्त करने का काम किसी ठेकेदार को सौंप दिया गया है। विभाग के अधिकारियों द्वारा सूचना देने के बाद भी ठेकेदार के आदमी रात में मौके पर नहीं पहुंचे। संयोग से डा. बिष्ट के घर में अग्निशमन उपकरण था, जिससे आग पर काबू पा लिया गया वरना बड़ा हादसा हो जाता।
लोगों का कहना है कि विद्युत विभाग के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ठेकेदार पर डाल रहे हैं, जबकि ठेकेदार के लोग ऐेसे मामलों को गंभीरता से नहीं लेते। इधर, प्रभारी अधिशासी अभियंता केजे मिश्रा का कहना है कि रात में बिजली की लाइनों में फॉल्ट आदि दुरुस्त करने का काम ठेकेदार को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि अगर ठेकेदार की ओर से लापरवाही की गई तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बताया गया है कि रात के वक्त के लिए ठेके की यह व्यवस्था पिछले साल शुरू हुई है।