द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। भावी इंजीनियरों को अब पीएचडी करने के लिए अन्यत्र नहीं भटकना पड़ेगा। यहां विपिन चंद्र त्रिपाठी कुमाऊं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में इसी सत्र से पीएचडी के कोर्सेज शुरू हो जाएंगे। तकनीकी विश्वविद्यालय के मानकों के आधार पर प्रवेश परीक्षाएं होनी हैं। एमटेक के बाद पीएचडी की जा सकती है। इस निर्णय से छात्र-छात्राओं में खुशी का माहौल है।
कुमाऊं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में कंप्यूटर इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल सिविल, बायोकेमिकल और एमसीए में पीएचडी का कोर्स इसी वर्ष से शुरू हो जाएगा। संस्था के निर्देशक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के मानकों के आधार पर प्रवेश परीक्षाएं होंगी।
एमटेक करने के बाद पीएचडी की जा सकती है, पीएचडी कम से कम तीन वर्ष की होगी। उन्होंने बताया कि संस्थान में पीएचडी कोर्स शुरूहोने से भावी इंजीनियरों को अब अन्य प्रदेशों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ही संस्थान प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
निदेशक डॉ. सिंह ने बताया कि संस्थान ने बीटेक, एमटेक और एमसीए सहित सभी विभागों के परीक्षाफल घोषित कर दिए गए हैं। परीक्षा परिणाम संतोषजनक रहे हैं, अन्य तकनीकी संस्थानों में अभी तक परीक्षाफल घोषित नहीं हुए हैं।