अभिलेखों की जांच करतीं अपर निदेशक।
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आर्य कन्या इंटर कालेज अल्मोड़ा में प्रवक्ताओं के 10 पदों पर नियुक्तियों में अनियमितता और विद्यालय को भवन निर्माण के लिए मिली 20 लाख रुपये की धनराशि का समय से उपयोग नहीं करने के मामले की विभागीय जांच शुरू हो गई है। मंडलीय अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) सुषमा सिंह के नेतृत्व में पहुंची अधिकारियों की टीम ने विद्यालय में पहुंचकर कई दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया। इस मामले में जिलाधिकारी अल्मोड़ा पहले ही जांच करके शासन को रिपोर्ट भेज चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक जिलाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में नियुक्तियों में धांधली और वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई है।
जानकारी के मुताबिक आर्य कन्या इंटर कालेज में पिछले साल अगस्त में प्रवक्ताओं के 10 पदों पर हुई नियुक्तियों में अनियमितता के साथ ही विद्यालय को भवन निर्माण के लिए मिली 20 लाख रुपये की धनराशि का समय से उपयोग नहीं करने की शिकायतें मिलने के बाद बीते दिनों जिलाधिकारी सविन बंसल ने अपने स्तर से जांच करके शासन को रिपोर्ट प्रेषित की थी। शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक जिलाधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट में नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं बरते जाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने शासन से भवन निर्माण के लिए दो साल पहले मिली 20 लाख रुपये की राशि का भी नियत समय पर उपयोग नहीं करने पर भी सवाल उठाए थे।
जिलाधिकारी की रिपोर्ट के बाद शासन ने मंडलीय अपर शिक्षा निदेशक को इस मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए थे। शासन के निर्देश पर मंडलीय अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) सुषमा सिंह, पिथौरागढ़ के वित्त अधिकारी बची राम आर्या, ताकुला के खंड शिक्षाधिकारी पुष्कर लाल टम्टा, डीईओ एचबी चंद और प्रशासनिक अधिकारी जगमोहन रौतेला सोमवार को जांच के लिए आर्य कन्या विद्यालय पहुंचे। उन्होंने करीब चार घंटे विद्यालय में रहकर दस्तावेजों की जांच की। अपर निदेशक और अन्य अधिकारियों ने नियुक्तियों से संबंधित कई दस्तावेजों को जांच के लिए कब्जे में ले लिया। अपर शिक्षा निदेशक सुषमा सिंह ने बताया कि उन्होंने विद्यालय से संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर लिए हैं और शीघ्र ही जांच पूरी करके शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।