पिछले दो दिन से नगर के सभी मोहल्लों और उससे लगे ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति ठप है। नलों में पानी नहीं आने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोग घरों से दूर स्थित नौलों और धारों से पानी लाने को मजबूर हैं। पानी नहीं आने से सबसे अधिक परेशानी नौकरीपेशा, कामकाजी वर्ग और विद्यार्थियों को हो रही है। हालांकि सड़क से लगे कुछ क्षेत्रों में जल संस्थान ने रविवार को टैंकरों के जरिए पानी बंटवाया।
बीते दिनों हुई भारी बारिश के बाद कोसी नदी से अल्मोड़ा को पेयजल सप्लाई करने वाली लाइन में आपूर्ति ठप है। पोखरखाली, चीनाखान, नंदादेवी, नरसिंहबाड़ी, धारानौला, राजपुर समेत सभी मोहल्लों में पानी नहीं आने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। लोग काफी दूर नौलों और धारों से पानी लाकर काम चला रहे हैं। नौलों में भी लोगों की जबर्दस्त भीड़ लग रही है। नलों में पानी नहीं आने से कामकाजी लोगों और विद्यार्थियों को काफी परेशानी हो रही है। कोसी पंपिंग योजना से लाभान्वित होने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किल्लत बनी हुई है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नंदकिशोर ने बताया कि नदी में सिल्ट आ जाने से पंपिंग नहीं हो पाने से पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। शनिवार अपराह्न बाद पंपों ने काम करना शुरू कर दिया है। इस पानी को टैंकों में स्टोर किया जा रहा है, लेकिन गाद अधिक होने से फिलहाल पानी की आपूर्ति किया जाना संभव नहीं है। मिट्टी बैठ जाने के बाद ही सप्लाई सुचारु होगी। उन्होंने बताया कि रविवार को कुछ क्षेत्रों में आंशिक रूप से पानी सप्लाई करने के प्रयास होंगे। ईई ने बताया कि सड़क से लगे क्षेत्रों में तीन टैंकरों से पानी बंटवाया जा रहा है। बरसात के मौसम में भी पानी न मिलने से लोगों में जल संस्थान के प्रति लोगों में भारी रोष है।
तो बरसात में रोज होगी पानी की किल्लत
एक दिन तेज बारिश होने पर ही नगर में पानी की आपूर्ति दो दिन बाधित हो गई है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि बरसात में तो कोसी में रोज ही जलस्तर बढ़ेगा। इस हालत में तो बरसात में रोज ही पानी की आपूर्ति ठप रहेगी। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज सनवाल और गिरीश धवन आदि का कहना है कि पूर्व में कई दिन लगातार बारिश होने के बाद नदी में बाढ़ आने की स्थिति में ही कभी इक्का दुक्का पानी की आपूर्ति बाधित हुआ करती थी लेकिन पिछले कुछ समय से थोड़ा बारिश के बाद ही पानी की आपूर्ति दो-दो दिन तक ठप हो जा रही है।