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करबला के निकट दिनदहाड़े धमका तेंदुआ

Wed, 27 May 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
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अल्मोड़ा में करबला के निकट धारानौला रोड पर घनी आबादी क्षेत्र में तेंदुआ आ धमका, जिससे लोगों में हड़कंप मच गया। शोर-शराबा करने पर वह एक नाले में जा घुसा। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। वन कर्मियों ने ट्रेंकुलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश करने की भरसक कोशिश की। शाम छह बजे तेंदुए को पकड़ा जा सका। तेंदुए को देखने के लिए मौके पर भारी भीड़ जुटी रही।
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करबला-धारानौला रोड पर करबला से अगले मोड़ पर लोगों ने सुबह 9.30 बजे एक तेंदुआ घूमते देखा। शोर मचाने पर वह सड़क से नीचे की तरफ भागा। कुछ दूरी पर मौजूद बंदर तेंदुए को देखकर इधर-उधर भागने लगे और चिल्लाने लगे। तभी यह तेंदुआ मोहल्ले के निकट एक नाले में छुप गया। लोगों ने पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को तेंदुए के आने की सूचना दी। कुछ देर बाद कोतवाल संजय गर्ब्याल, वन रेंजर मोहनराम, मनोज लोहनी, केएन पांडे, नितिन तिवारी, दीपक पंत आदि मौके पर पहुंच गए। वन कर्मियों ने जाल के साथ ही वहां एक पिंजरा भी लगाया।

वन कर्मियों ने नाले के बाहर से ट्रेंकुलाइजर गन के जरिये तीन बार तेंदुए को बेहोश करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। काफी मशक्कत के बाद शाम करीब छह बजे वन विभाग की टीम ने पिंजरे में कैद कर लिया। वनकर्मियों ने बताया कि ट्रेंकुलाइज करने से तेंदुआ अर्द्धबेहोशी की हालत में था। वन कर्मी जोखिम उठाकर नाले के भीतर घुसे और उन्होंने तेंदुए के ऊपर कंबल डालकर उसे दबोच लिया। इसके बाद जाल में डालकर पिंजरे के भीतर ले गए। वन रेंजर मनोज कुमार लोहनी ने बताया कि तेंदुए की उम्र करीब आठ माह है। उसके अगले पैर में कुछ परेशान है, जिससे सही से नहीं चल पा रहा है। उन्होंने बताया कि एनटीडी स्थित रेस्क्यू सेंटर में तेंदुए का इलाज किया जाएगा और स्वस्थ होने पर उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा। अगर स्वस्थ नहीं हुआ तो तेंदुए को वहीं रखा जाएगा। समझा जा रहा है कि तेंदुआ अपने परिवार से बिछुड़कर मोहल्ले में पहुंच गया।
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