अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की बैठक में प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का संकल्प लिया गया। पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन विस्तार और जनजागरण अभियान तेज करने का निर्णय लिया।
पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस को जनता ने पर्याप्त अवसर दिए, लेकिन दोनों दल राज्य निर्माण की मूल भावना के अनुरूप काम करने में विफल रहे। कहा कि जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों पर पूंजीपतियों का प्रभाव बढ़ रहा है। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पलायन जैसे मुद्दे जस के तस बने हुए हैं। केंद्रीय संयोजक पीसी तिवारी ने कहा कि 26 वर्षों में भाजपा और कांग्रेस ने राज्य की अवधारणा को सत्ता और संसाधनों की बंदरबांट तक सीमित कर दिया है। केंद्रीय प्रधान महासचिव नरेश नौड़ियाल ने कहा कि देश में युवाओं और आम जनता के बीच बढ़ता असंतोष बढ़ रहा है। बैठक में जिले में संगठन के व्यापक विस्तार, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने, युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बैठक को एडवोकेट मोहनलाल वर्मा, रतन सिंह, मोरिया, श्रीमती आनंदी वर्मा, एडवोकेट नानक, एडवोकेट भावना जोशी आदि ने संबोधित किया।