कुमाऊं मंडल निगम के उपाध्यक्ष गोपाल दत्त भट्ट और निदेशक डीएन बड़ोला ने यहां रानीझील और हिमालय दर्शन स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया।
रानीझील के सुंदरीकरण के लिए भेजे गए 40 लाख रुपये के प्रस्ताव के मद्देनजर यह मुआयना हुआ। छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) बीएन रेड्डी ने हिमालय दर्शन स्थल के सुंदरीकरण के लिए शीघ्र कैंट से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिलाने पर सहमति जताई।
केएमवीएन निदेशक डीएन बड़ोला ने नैनीताल की तर्ज पर रानीझील के विकास को लेकर पूर्व में सरकार को पत्र भेजा था। उन्होंने इसका नाम रानीताल रखने का भी सुझाव दिया था। इसी के तहत सुंदरीकरण के लिए केएमवीएन उपाध्यक्ष गोपाल दत्त भट्ट ने भी झील का निरीक्षण किया है।
निगम के उपाध्यक्ष भट्ट ने कहा कि रानीखेत जैसे पर्यटक स्थल को विकसित करने के लिए निगम की ओर से हरसंभव प्रयास चल रहे हैं।
दूसरी तरफ भालू डैम के विकास को लेकर भी सीईओ रेड्डी सार्थक कार्रवाई का आश्वासन दिया है, हालांकि निगम की टीम पहले ही भालू डाम का निरीक्षण कर चुकी है।
निगम भालू डाम में ट्रैकिंग रूट, सड़क निर्माण के अतिरिक्त जंगल के अंदर पर्यटकों को रात्रि निवास के लिए टेंट, कैंप फायर की सुविधा भी उपलब्ध कराने के पक्ष में है।