कांग्रेस के मंथन शिविर में पहाड़ की पीड़ा भी उभरकर सामने आई। पर्वतीय जिलों से आए कांग्रेस जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्रों का दर्द दिग्गजों के सामने रखा। मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी और प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय उनकी समस्याएं सुनते रहे और सुझाव रजिस्टर में नोट करते रहे।
चिकित्सकों की तैनाती की मांग को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने वाले अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी ने यहां भी पहाड़ की पीड़ा को बेबाकी के साथ रखा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी जिलों में चिकित्सकों और शिक्षकों की भारी कमी है। काश्तकार सुअर और बंदरों के आतंक की वजह से खेती छोड़ने को मजबूर हैं। रोजगार के अवसर न होने से युवा वर्ग पलायन कर रहा है। 2017 में सत्ता में मजबूत वापसी के लिए युवा वर्ग के लिए नीतिगत फैसले लेने होंगे। स्पष्ट स्थानांतरण नीति बनाई जाए, जिसमें राजनीतिक हस्तक्षेप बिलकुल न हो।
अल्मोड़ा नगर कांग्रेस अध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि पिछले दिनों पर्वतीय क्षेत्रों के लिए मुख्यमंत्री ने कई योजनाओं की घोषणाएं की हैं। साल भर में ही ये योजनाएं धरातल पर दिखाई दीं तभी लोगों का कांग्रेस में विश्वास बढ़ेगा और आम मतदाता तक पहुंचने में कार्यकर्ता गर्व महसूस करेगा।
पिथौरागढ़ महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष पुष्पा देउपा ने कहा कि ग्राम सभा सदस्य स्तर तक कांग्रेस को मजबूत करना होगा। इसके लिए नए सदस्य बनाने होंगे। साथ ही गांवों में रोजगार के अवसर पैदा करने होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और चिकित्सकों की तैनाती के लिए स्पष्ट स्थानांतरण बनाई जानी चाहिए।
बागेश्वर के जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐंठानी ने कहा कि सरकार ने कई घोषणाएं कीं, अधिकांश पर काम शुरू हो गया है। सरकारी योजनाएं तो बहुत हैं, उनके प्रचार-प्रसार की जरूरत है। जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक इनका लाभ पहुंचे और लोगों का रुझान का रुझान कांग्रेस की ओर बढ़े।