मौलेखाल(अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड की खुमाड़ ग्रामसभा में वन पंचायत भूमि पर खड़े हरे चीड़ के छह पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आने से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। आरोप है कि स्टेट हाईवे-52 के किनारे स्थित चीड़ के इन पेड़ों को बिना किसी वैध अनुमति के काट दिया गया।
जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा पेड़ों को काटकर उनके गिल्टे सड़क किनारे रख दिए गए थे। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कटान कार्य को तत्काल रुकवाते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान बिना अनुमति छह पेड़ों के कटान की पुष्टि हुई। वन पंचायत सरपंच सुभाष सिंह ने बताया कि संबंधित व्यक्ति ने पहले अनुमति मांगी थी, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया था। इसके बावजूद पेड़ों को काट दिया गया। वहीं, उपजिलाधिकारी रिंकू बिष्ट ने स्पष्ट किया कि पेड़ कटान की अनुमति केवल वन विभाग ही देता है। वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए दोषियों पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि, इस कार्रवाई से स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं हैं।
उनका कहना है कि इतने गंभीर मामले में यह जुर्माना बहुत कम है और इससे दोषियों को बढ़ावा मिल सकता है। पेड़ों को काटकर सड़क किनारे रखे गए गिल्टों में से आधे से अधिक लकड़ी मौके से गायब हो चुकी है, लेकिन इस संबंध में अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई या जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। इससे भी लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
मेरे पास कुछ दिन पहले वन पंचायत की भूमि पर हरे चीड़ के पेड़ों को काटने के लिए ग्रामीण इंदर सिंह अनुमति लेने आए थे, लेकिन मैंने अनुमति नहीं दी और मना कर दिया था। जो भी पेड़ काटे गए हैं, वे बिना अनुमति के काटे गए हैं।
सुभाष सिंह, सरपंच खुमाड़
हरे पेड़ों को काटने की सूचना मिली थी। सरपंच द्वारा कार्य रुकवाया गया। जांच में छह पेड़ों के कटान की पुष्टि हुई है। संबंधित व्यक्तियों पर अर्थदंड लगाया गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।
उमेश पांडे, वन क्षेत्राधिकारी