ग्रामीणों के आपसी सहयोग से ईड़ा ग्राम सभा के लिए बन रही बोरिंग पेयजल योजना के शीघ्र अस्तित्व में आने की उम्मीद है। पहले चरण में बोरिंग का कार्य पूर्ण हो गया है। मालूम हो कि जिले की सबसे बड़ी ग्राम सभा में पेयजल योजना नहीं होने के कारण पानी की भारी समस्या बनी हुई है। शासन-प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद जब सार्थक परिणाम सामने नहीं आए तो ग्रामीणों ने आपस में चंदा एकत्रित कर रालक गधेरे से बोरिंग पेयजल योजना का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
ईड़ा ग्राम सभा अल्मोड़ा जिले की सबसे बड़ी ग्राम सभा है, पेयजल योजना के अभाव में यहां पानी के लिए भारी दिक्क्तें बनी हुई हैं। कड़ाके की ठंड में ग्रामीणों को दूर दराज के स्रोतों और नदियों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीणों को 50 रुपए कनस्तर के हिसाब से पानी मंगवाना पड़ रहा है। जिला पंचायत सदस्य नीरज कुमार ने बताया कि शासन-प्रशासन से कई बार गुहार लगाई गई। हर बार आश्वासनों के माध्यम से लोग छले गए। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से बोरिंग पेयजल योजना बनाने का निर्णय लिया। रुद्रपुर की एक एजेंसी से बोरिंग का कार्य शुरू कराया। उन्होंने बताया कि बोरिंग में ग्राम सभा के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। शीघ्र ही लाइन बिछाने का कार्य शुरू होगा। इस कार्य में विक्रम नेगी, लाली राम, कुंदन प्रसाद, विपिन चंद्र सहित तमाम लोग सहयोग कर रहे हैं।