अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) के प्रायोगिक फार्म हवालबाग में रबी फसलों के लिए कृषि पद्धतियों पर कार्यशाला हुई। फील्ड स्तर पर कार्यरत विस्तार अधिकारियों को रबी फसलों की नवीनतम किस्मों, उपयुक्त कृषि विधियों, प्रमुख कीट रोगों की पहचान के अलावा प्रबंधन की जानकारी दी गई। कार्यशाला में अल्मोड़ा, टिहरी, चंपावत और नैनीताल जिलों के कुल 33 अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
विशेषज्ञों ने रबी अनाज और सब्जियों की उन्नत किस्मों, उनके उत्पादन और संरक्षण संबंधी तकनीकों, कुशल जल प्रबंधन और बीज उत्पादन पर व्याख्यान दिए। तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की सभी शंकाओं का समाधान किया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए इसे अधिक अवधि तक आयोजित करने का सुझाव दिया।
संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत ने आश्वासन दिया कि आगामी वर्षों में कार्यशाला दो दिवसीय होगी। रबी और खरीफ दोनों मौसमों के मध्य अवधि में भी आयोजित की जाएगी ताकि प्रतिभागी प्रायोगिक फार्म में खड़ी फसलों और तकनीकी प्रदर्शनों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर सकें।
उन्होंने अधिकारियों से किसानों के खेतों में आने वाली समस्याओं की जानकारी नियमित रूप से साझा करने का अनुरोध किया। साथ ही संस्थान के हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
प्रतिभागियों को संस्थान की ओर से विकसित नवीन तकनीकों, फसल सुधार प्रयासों व वैज्ञानिक फसल उत्पादन और संरक्षण विधियों की भी जानकारी प्रदान की गई। यहां प्रशिक्षण प्रकोष्ठ समन्वयक डॉ. कुशाग्रा जोशी आदि मौजूद रहे।