इन दिनों नगर पालिका, नगर पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 की तैयारी चल रही है। जिसमें पहली बार अल्मोड़ा जनपद भी प्रतिभाग कर रहा है। नगर पालिका और नगर पंचायतों में स्वच्छता के कार्यों को देखने भारत सरकार की टीम भी जल्द ही सर्वे के लिए पहुंचने वाली है, लेकिन अल्मोड़ा जिले की तैयारियां पूरी नहीं है। न तो अल्मोड़ा खुले में शौच मुक्त घोषित हुआ है और न ही स्वच्छ भारत मिशन की गाइड लाइन के अनुसार कार्य पूरे हुए हैं।
केंद्र की मोदी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश भर के नगर महापालिकाओं, पालिकाओं और नगर पंचायतों को 119 पेज की गाइड लाइन भेजी है। जिसमें अलग-अलग कार्यों के लिए अंक निर्धारित किए गए हैं। गाइड लाइन के अनुसार नगर महापालिका, पालिका और नगर पंचायतों को स्वच्छता में किए गए बेहतर कार्य को दिखाना है। जिसका कार्य सर्वश्रेष्ठ होगा उत्तराखंड सरकार की ओर से उस पालिका या नगर पंचायत को प्रथम पुरस्कार के रूप में 75 लाख रुपये प्राप्त होगा।
जबकि दूसरे और तीसरे पुरस्कार के लिए क्रमश: 50 लाख और 25 लाख रुपये निर्धारित हैं। जिस राज्य के सबसे ज्यादा जनपद स्वच्छ भारत मिशन के मानकों को पूरा करेंगे उस राज्य को केंद्र सम्मानित करेगा, लेकिन विडंबना है केंद्र के स्वच्छता मिशन को तो छोड़िए अल्मोड़ा जनपद अभी तक खुले में शौच मुक्त ही घोषित नहीं हो पाया है। चिलियानौला-रानीखेत नगर पालिका और भिकियासैंण नगर पंचायत में सर्वे भी हो चुका है और इन दिनों आपत्तियां प्राप्त की जा रही हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी श्याम सुंदर का कहना है कि फिलहाल अल्मोड़ा पालिका और द्वाराहाट नगर पंचायत खुले में शौच मुक्त घोषित हैं।
गाइड लाइन के मुख्य बिंदु
स्वच्छ भारत मिशन के तहत 119 पेज की गाइड लाइन में सेवा स्तर की प्रगति, प्रत्यक्ष अवलोकन, नागरिक प्रतिक्रिया, बायोमेट्रिक मशीन की उपलब्धता, जैविक-अजैविक कूड़ा निस्तारण, रात की सफाई, घर-घर कूड़ा संग्रहण, सार्वजनिक कूड़ेदानों की उपलब्धता के अलावा अर्थदंड, कंपेक्टर मशीन आदि मुख्य बिंदु शामिल हैं। इनमें प्रत्येक कार्य के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित हैं। इसमें अल्मोड़ा पालिका में अभी तक बायोमेट्रिक मशीन नहीं लगी है। सार्वजनिक कूड़ेदानों की उपलब्धता भी कम है और कंपेक्टर मशीन तो जंग खा रही है।
केंद्र के स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत पालिका की व्यापक तैयारी चल रही है। प्रचार-प्रसार के अलावा टीम घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। सफाई के प्रति प्रेरित करने के लिए नगर में फ्लेक्सी और बैनर भी लगाए गए हैं। इसके अलावा जिन लोगों ने सीवर कनेक्शन नहीं लिए हैं उनको भी नोटिस दिए जा रहे हैं।
श्याम सुंदर, अधिशासी अध्ेािकारी, नगर पालिका।