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होटल मैनेजमेंट संस्थान की दुर्गति पर नहीं किसी का ध्यान

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होटल मैनेजमेंट संस्थान की खिड़कियों के टूटे कांच। - फोटो : अमर उजाला
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कुमाऊं के एकमात्र जगत सिंह बिष्ट राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान में इस बार भी लोकसभा चुनावों के बाद मतगणना का काम होगा। ऐसा पिछले कई विधानसभा और लोकसभा चुनावों में होता आया है। लेकिन चुनाव संपन्न होने के बाद संस्थान की दुर्गति की ओर किसी भी अफसर का ध्यान नहीं जाता है। संस्थान की दीवारें, खिड़कियां और शौचालय आज भी दुरुस्त नहीं हुए हैं।

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विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मतगणना के लिए हर बार निर्वाचन और प्रशासन को होटल मैनेजमेंट संस्थान की याद आती है। इस दौरान प्रशासन संस्थान को अपने नियंत्रण में रख लेता है। करीब एक माह पूर्व से संस्थान में काम शुरू हो जाता है। खिड़कियों में वेल्डिंग करके डार्क रूम बनाए जाते हैं। इस दौरान सुरक्षा के लिए कक्षों में पुलिस कर्मी भी तैनात कर दिए जाते हैं। लेकिन चुनाव संपन्न होने बाद संस्थान में हुए नुकसान की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता।

पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद जब किया गया अस्थायी निर्माण हटाया गया तो संस्थान में कई जगह टूट-फूट हुई थी जिसे अब तक ठीक नहीं किया गया।  संस्थान के कुछ शौचालय जो चुनाव के दौरान चोक हो गए थे, आज तक ठीक नहीं हुए। वर्तमान में होटल मैनेजमेंट संस्थान ने बिजली विभाग का बकाया जमा करना है। यह बकाया 2014 के लोकसभा चुनाव में हुई मतगणना के दौरान का है। जो अब एक लाख रुपये से अधिक हो गया है। इधर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता डीएस पांगती ने बताया कि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से दिक्कत आती रही। संस्थान का बिजली खर्च का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।  

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