रानीखेत (अल्मोड़ा)। उप जिला अस्पताल में घायल बुजुर्ग को समय पर स्ट्रेचर और उपचार नहीं मिलने के बाद हुई मौत के मामले में प्रशासनिक जांच में प्रथम दृष्टया अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने अस्पताल की व्यवस्थाएं एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। मजखाली में सड़क हादसे में घायल पूरन सिंह अधिकारी को ग्रामीण सोमवार को अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि उन्हें समय पर न तो स्ट्रेचर मिला और न ही उपचार। ग्रामीणों के अनुसार करीब 45 मिनट बाद स्ट्रेचर मिलने तक बुजुर्ग की मौत हो चुकी थी। मामले की जांच कर रहे नायब तहसीलदार राजेंद्र अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी जुटाई। अब सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर की जांच कराई जा रही है जिससे डॉक्टरों के बाहर आने और अन्य घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।
संयुक्त मजिस्ट्रेट, दीक्षिता जोशी ने बताया कि आपातकालीन कक्ष में स्ट्रेचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं तो कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने डॉक्टरों पर बुलाने के बावजूद बाहर न आने का आरोप भी लगाया है। प्रारंभिक जांच में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। डीवीआर जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।