अल्मोड़ा। कोरोनाकाल में घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) का चलन बढ़ा है। महानगरों में घरों में कैद होकर काम करने की बजाय लोग पहाड़ की वादियों में कुदरती सौंदर्य के बीच आकर रहें और यहीं से दफ्तरों का काम भी निपटाएं, इसके लिए सरकार वर्क फ्रॉम होम स्टे (डब्ल्यूएफएच) योजना शुरू कर रही है। पर्यटन विभाग की ओर से योजना लागू करने की तैयारी की जा रही है। योजना का लाभ उठाने वालों को पर्यटन विभाग की ओर से रियायत भी दी जाएगी।
कोरोना के दौरान अधिकतर प्राइवेट कंपनियां कर्मचारियों से घरों से ही काम करा रही हैं। लंबे समय से डब्ल्यूएफएच के तहत काम कर रहे लोग अब ऊबने भी लगे हैं। इसमें बदलाव की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए उत्तराखंड सरकार ने वर्क फ्रॉम होम स्टे योजना शुरू की है। इसके तहत यहां संचालित होम स्टे में रहकर एकांत में कार्यालयी काम निपटाया जा सकता है। प्रदूषण रहित वातावरण और शुद्ध आबोहवा के बीच काम का आनंद ही कुछ और होगा। पर्यटन विभाग के अनुसार अल्मोड़ा जिले में 150 से अधिक होम स्टे हैं। इनमें डब्ल्यूएफएच के लिए पर्यटकों को प्रेरित किया जा रहा है। इन होम स्टे में रहने के लिए देहरादून स्मार्टसिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण करवाना होगा। ग्राहकों को होम स्टे पर कम से कम दो दिन रहना अनिवार्य होगा। पर्यटकों को क्वारंटीन और पास आदि की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जिले की सीमाओं पर चार पर्यटक सहायता केंद्र खुलेंगे
पर्यटन विभाग जिले की सीमाओं में पर्यटक सहायता केंद्र स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। विभाग के मुताबिक जिले में लोधिया, भुजान, मोहान, मोतियापाथर इन चार सीमाओं पर जिस तरह थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है, उसी की तर्ज पर एक-एक पर्यटन सहायता केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। सहायता केंद्र में पर्यटन विभाग के कर्मचारी यहां आने वाले लोगों को वर्क फ्रॉम होम योजना के बारे में जागरूक करेंगे। सभी का पूरा डाटा एकत्र किया जाएगा।
अधिकतर इलाकों में नेटवर्क की समस्या नहीं
जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि जिले के अधिकतर होम स्टे वर्क फ्रॉम होम के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यहां के होम स्टे पूरी तरह सुविधाजनक हैं। इनमें अधिकतर स्थानों पर नेटवर्क की कोई समस्या नहीं हैं। एकांत में होने के बाद भी इन स्थानों पर नेटवर्क की समस्या ग्राहकों के आगे नहीं आएगी। वहीं यहां आने वाले पर्यटकों को पहाड़ी व्यंजन देने की योजना है। इस संबंध में होम स्टे स्वामियों से चर्चा की जा रही है।
विदेशों की तर्ज पर टूरिस्ट इंसेंटिव कूपन से मिलेेगी छूट
विदेशों की तर्ज पर उत्तराखंड में भी टूरिस्ट इंसेंटिव कूपन (टीआईसी) शुरू होने जा रहा है। जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि वर्क फ्रॉम होम स्टे योजना के तहत पर्यटकों को कूपन के माध्यम से छूट दी जाएगी। पहले टीआईसी का चलन विदेशों में ही अधिक था, लेकिन उत्तराखंड में पहली बार पर्यटकों को इस तरह की योजना से छूट दिलाई जा रही है। उत्तराखंड टीआईसी से पर्यटकों को एक हजार रुपये तक की छूट मिल सकती है।
जिले में वर्क फ्रॉम होम स्टे योजना की तैयारी की जा रही है। अधिकतर होम स्टे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। वर्क फ्रॉम होम के लिए नेटवर्क और अन्य व्यवस्थाएं भी पूरी हैं। सीमाओं में चार पर्यटन सहायता केंद्र बनाए जाएंगे। इससे इसका प्रचार-प्रसार और जरूरी जानकारी मिल सकेगी।
-राहुल चौबे, जिला पर्यटन अधिकारी अल्मोड़ा।