गरुड़ (बागेश्वर)। राजस्व पुलिस क्षेत्र गागरीगोल में होम क्वारंटीन में एक प्रवासी फांसी के फंदे पर लटका मिला। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। राजस्व पुलिस आत्महत्या समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
राजस्व पुलिस क्षेत्र गागरीगोल के तिलसारी निवासी जगदीश सिंह फर्स्वाण (28) पुत्र चंदन सिंह फर्स्वाण चार दिन पूर्व दिल्ली से घर लौटा था। कोरोना के कारण उसे होम क्वारंटीन किया गया था। बुधवार सुबह वह अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिजनों की सूचना पर पहुंचे तिलसारी के पटवारी किशोर कांडपाल ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के पिता चंदन सिंह के अनुसार उनका पुत्र दिल्ली में एक कंपनी में काम करता था। पटवारी कांडपाल ने बताया कि राजस्व पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जून से अब तक 23 लोग कर चुके हैं आत्महत्या
बागेश्वर। बागेश्वर जिले में जून से अब तक 23 लोग मौत को गले लगा चुके हैं। इनमें से तीन हाल में बाहरी प्रदेशों से लौटे हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जून में 10 लोगों ने आत्महत्या की। इनमें दो प्रवासियों के साथ ही दो वाहन चालक थे। जुलाई में दो छात्राओं समेत 12 लोगों ने मौत को गले लगाया। बुधवार को गरुड़ क्षेत्र में प्रवासी की आत्महत्या से यह आंकड़ा 23 पहुंच गया है। एक के बाद एक हो रही आत्महत्याओं को लेकर तमाम तरह के सवाल तो उठ ही रहे हैं, इससे लोग चिंतित भी हैं। मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह आत्महत्या का कारण माना जा रहा है।
आत्महत्या करने वालों में प्रवासियों के शामिल होने से इसके तार बेरोजगारी से भी जोड़कर देखे जा रहे हैं। लगातार हो रही आत्महत्याओं को देखते हुए जिले में मनोचिकित्सक की तैनाती की मांग उठ रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीडी जोशी का कहना है कि मनोचिकित्सक की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। कहते हैं कि इन दिनों बाहरी प्रदेशों से लौटे प्रवासियों की काउंसिलिंग काउंसिलर कर रहे हैं। वहीं पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल का कहना है कि कोई भी मानसिक तनाव से जूझ रहा है तो पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112 में संपर्क कर सकता है। संबंधित की काउंसिलिंग कराने के साथ ही उसकी मदद की जाएगी। संवाद