यहां शनिवार रात आयोजित बैठकी होली के गीतों के गायन में होल्यारों ने अपने मनमोहक गीतों से लोगों को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीडीओ हिमांशु जोशी ने कहा कि होली के गीताें में प्रेम रस, विरह, भक्ति गीतों का अनूठा संगम है। यह ऐसा पर्व है जो रूठे मनों को भी एक कर देता है।
पिंडारी मार्ग के नरेंद्रा पैलेस में नवीन साह, संजय साह, नरेंद्र खेतवाल की ओर से आयोजित बैठकी होली के गीतों के गायन की शुरुआत एक दूसरे को अबीर, गुलाल लगाकर हुई। अल्मोड़ा हुक्का क्लब से आए होल्यार गिरीश चंद्र जोशी के गोरी घूंघट उठाओ पलक होली आई रे.......। गाकर लोगों को थिरकने को मजबूर कर दिया। कमल तिवारी ने आई अचानक होली अब कैसी बंसी बजाए घनश्याम......गाकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। पंकज पांडे ने सौ सौ बहाना करके मेरे कूचे में आकर......, फाल्गुन मास ऋतु आई रही....।
गाकर दर्शकों को मस्त कर दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में होल्यारों ने एक से बढ़कर एक होली के मनमोहक गीतों का गायन कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहां सुरेश खेतवाल, दीपक खेतवाल, पूरन पालनी, दीप चंद्र जोशी, चंद्रलाल साह, कंचन साह, राजेश नैनवाल, विजय वर्मा, आलोक साह आदि मौजूद थे।