नगर और ग्रामीण इलाकों में होली की धूम मची हुई है। जगह-जगह महिलाओं और पुरुषों की बैठकी और खड़ी होली चल रही हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में मंदिरों में देर रात तक होली गायन चल रहा है।
ढूंगाधारा में गीता मेहरा के आवास में महिलाओं ने झनकारो झनकोर गोरी प्यारो लगो तेरो झनकारो, बलमा घर आयो फागुन में, मत फोड़ो गागर मोहना आदि होली गाई और नृत्य के साथ ही स्वांग का प्रदर्शन किया। इस मौके पर विमला बोरा, किरन साह, राधा बिष्ट, भगवती बिष्ट, लीला जोशी, दीपा भंडारी, बीना बिष्ट, गीता पांडे, प्रियंका जोशी, इंदु डसीला, बीना मेहरा आदि मौजूद थे।
सालम समिति द्वारा राम सिंह धौनी सभागार में आयोजित होली महोत्सव में शिव के मन माही बसे काशी, सीता राम को ब्याह जनकपुर जाना है, रघुवर से बैर करो न पिया, लौटा दो तुम उनकी सिया आदि होली गीत गाए। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र रावत, विनोद जोशी, विशन बोरा, सचिव अमरनाथ रजवार, गोपाल मेहरा, देव सिंह, विपिन जोशी, नंदन बिष्ट, दीवान आर्य, गोविंद बिष्ट, उमेश भट्ट, मनोज पांडे, भगीरथ पांडे, चंद्रमणि भट्ट, डॉ. दीवान नगरकोटी आदि उपस्थित थे।
उधर दन्यां में उद्धेश्वर शिव मंदिर में दन्यां, डसीला, टकोली समेत विभिन्न गांवों से होली दल पहुंचे। होल्यारों ने भगवान महादेव को अबीर-गुलाल लगाया और सुख समृद्धि की कामना की गई। सोमश्वर घाटी क्षेत्र के गांवों में भी होली की धूम मची हुई है। महिलाएं और पुरुषों के दल जगह-जगह होली गायन कर रहे हैं।