बहुचर्चित नानीसार जमीन प्रकरण पर सिविल जज सीनियर डिवीजन ने हिमांशु एजूकेशनल सोसाइटी के खिलाफ अस्थायी निषेधाज्ञा जारी कर यथास्थिति बनाए रखने और काम रोकने के आदेश दिए हैं। प्रभारी सिविल जज सीनियर डिवीजन अशोक कुमार सैनी ने यह आदेश जारी किए हैं।
ग्राम पंचायत डीडा (द्वारसों) निवासी भूपाल सिंह, मोहन सिंह और गुलाब सिंह ने न्यायालय में जिंदल ग्रुप की हिमांशु एजूकेशन सोसाइटी के खिलाफ नानीसार की जमीन में अवैध कब्जे, घेरबाड़, रास्ते पर कब्जे करने और निर्माण कार्य पर रोक लगाने को लेकर न्यायालय में मुकदमा पेश किया था।
न्यायालय में इस मामले में वादियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोविंद लाल वर्मा, पीसी तिवारी, मनोज पंत ने पैरवी की। न्यायालय ने हिमांशु एजूकेशनल सोसाइटी के उपाध्यक्ष प्रतीक जिंदल को अग्रिम तिथि 15 फरवरी 2016 तक नानीसार में जेए खाता संख्या 00001 की भूमिधारी और कब्जे वाली भूमि पर कब्जा और निर्माण करने, करवाने से बाज रहने का आदेश सुनाया है।
न्यायालय ने प्रश्नगत भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का भी आदेश दिया है। आदेश की प्रति हिमांशु एजूकेशनल सोसाइटी को विशेष वाहक के माध्यम से भेज दी गई है। मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने हिमांशु एजूकेशनल सोसाइटी को 22 सितंबर को भूमि आवंटित करने का शासनादेश जारी किया था।
एजूकेशन सोसाइटी को भूमि देने के खिलाफ पिछले चार माह से क्षेत्र के ग्रामीण, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी और नानीसार बचाओ संघर्ष समिति आंदोलनरत है। आंदोलनकारियों ने न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है।