अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र हवालबाग में हिमाचल प्रदेश से आए काश्तकारों को विषय विशेषज्ञों ने पर्वतीय क्षेत्रों में उन्नत उत्पादन तकनीक के बारे में जानकारी दी। सात दिवसीय प्रशिक्षण में संस्थान के प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के समन्वयक डा. निर्मल चंद्रा ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद काश्तकार आजीविका की विभिन्न विधाओं को अपनाकर अच्छा लाभ कमा सकते हैं।
विषय विशेषज्ञों ने काश्तकारों को पर्वतीय क्षेत्रों की उन्नत उत्पादन तकनीक के बारे में बताया। उन्होंने उन्नत उत्पादन तकनीक, बीजोत्पादन, समेकित रोग, कीट प्रबंधन, पॉलीहाउस में सब्जी उत्पादन करने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समेकित कृषि प्रणाली, मशरूम उत्पादन, मौन पालन, सूक्ष्म जीवों का अनुप्रयोग, जैविक खेती, पशु धन प्रबंधन, चारा उत्पादन, जल संरक्षण, प्रबंधन आदि विषयों के बारे में बताया।
काश्तकारों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को उपयोगी बताया। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की इच्छा जताई। प्रशिक्षण समन्वयक डा. शेर सिंह और डा. मानिक लाल राय ने बताया कि प्रतिभागियों ने संस्थान द्वारा विकसित उन्नत प्रजातियों के बीजों, यंत्रों और विभिन्न तकनीकों को सीखने और खरीदने में रुचि दिखाई।